ऐ रात तू मेरे अकेले पन पर इस कदर मत हस
वर्ना तू उस दिस बहुत पछताएगी .
जब मेरी मोहबह्त मेरी बहो में होगी .
ऐ रात तू मेरे अकेले पन पर इस कदर मत हस वर्ना तू उस दिस बहुत पछताएगी . जब मेरी मोहबह्त मेरी बहो में होगी .
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