सुनसान अनि मध्यरात<br>
कल्पना मा सिमित जिन्दगी,<br>
अधुरा र छरपस्ट रहरहरु<br>
बाध्यता र परिस्थितिकाे बिचमा,<br>
&quot;निर्दाेष यो मन&quot;<br>
कसैको न्यानो माया पाउने अाशमा<br>
सजाएका सुन्दर सपनाहरु<br>
कतै भत्किने त होइन??<br>
केबल डर अनि अशान्त मन<br>
हिजोआज काे दिनचर्या।
सुनसान अनि मध्यरात<br> कल्पना मा सिमित जिन्दगी,<br> अधुरा र छरपस्ट रहरहरु<br> बाध्यता र परिस्थितिकाे बिचमा,<br> &quot;निर्दाेष यो मन&quot;<br> कसैको न्यानो माया पाउने अाशमा<br> सजाएका सुन्दर सपनाहरु<br> कतै भत्किने त होइन??<br> केबल डर अनि अशान्त मन<br> हिजोआज काे दिनचर्या।😒😒
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