सूरज आग उगलता है
सहना धरती को पड़ता है
मोह्हबत निगाहे कराती है
सहेना दिल को पड़ता है…
सूरज आग उगलता है सहना धरती को पड़ता है मोह्हबत निगाहे कराती है सहेना दिल को पड़ता है…
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